Wednesday, 25 April 2012

पिछले साल में परिवार के साथ ओम्कारेश्वर ,त्रिम्केश्वर, शिर्डी, शानिसिग्नापुर,नासिक,पंचवटी,एवं मुम्बे की यात्रा का विचार banaye

4 comments:

  1. ShriRam Gupta ं
    ''अगर मायूस लम्हों में ज़रा तुम साथ दे देते
    तो हम कागज़ की कश्ती से समंदर पार कर जाते ''

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  2. Bal Krishn Birla
    वैसे तो सच ही बोला करते हैं हम
    पर रोज़ कैसा हूँ ऐसे पूछा ना करो

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  3. Prashant Verma
    नींद को उनके ख़्वाबों की कैसी ये आदत लगी है
    वो आने से कतरायें ख़्वाबों में तो नींद कैसे आये

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